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आज पूछो आसमाँ से

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एक गज़ल प्रस्तुत कर रहा हुँ…
——————-
* आज पूछो आसमां से *
.
आज पूछो आसमां से क्या सभी आजाद हैं,
देश में क्यों बन गये आतंक के हालात हैं।
.
खून में जिनके भरा है नफरतोँ का ही जहर,
देश में फिर पल रहे क्योँ हर जगह जल्लाद हैं।
.
वादियां जो महकती थी केसरी सौगात से,
दुश्मनोँ का खेल खूनी क्यों वहां जेहाद हैं।
.
वस्त्र खादी के पहनकर लूटते हैं देश को,
भ्रष्ट हाथोँ में तिरंगे के घुटे जज़्बात हैं।
.
देश के सैनिक हिफाजत के लिये तैयार हैं,
किन्तु सत्ता ही हमारी सुस्त औ बेहाल है।
.
लूटते हैं देश का धन घर भरे जो जा रहे,
देश की पावन धरा पर बहुत भद्दे दाग हैं।
.
——————-
-सुरेन्द्रपाल वैद्य।



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15 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bhanuprakashsharma के द्वारा
September 1, 2013

सुंदर रचना। बधाई। 

anamika के द्वारा
August 18, 2013

सत्यवचन……सटीक वर्णन

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 18, 2013

    आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया के लिए बहुत आभारी हुँ अनामिका जी।

Ayush Kumar Dwivedi के द्वारा
August 18, 2013

देश के सैनिक हिफाजत के लिये तैयार हैं, किन्तु सत्ता ही हमारी सुस्त औ बेहाल है। सौ फ़ीसदी सच!!!!!!!!! सुंदर लेखनी……

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 18, 2013

    आयुष कुमार जी आपकी सार्थक प्रतिक्रिया के लिए बहुत आभारी हुँ।

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 18, 2013

    हार्दिक धन्यवाद भानुप्रकाश जी।

Jaishree Verma के द्वारा
August 17, 2013

वस्त्र खादी के पहनकर लूटते हैं देश को, भ्रष्ट हाथोँ में तिरंगे के घुटे जज़्बात हैं। सत्य से पूर्ण रचना सुरेन्द्रपाल वैद्य जी !

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 17, 2013

    जयश्री वर्मा जी गज़ल के विषय में आपकी सार्थक सुन्दर प्रतिक्रिया के लिये बहुत आभारी हुँ।

Sumit के द्वारा
August 16, 2013
    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 17, 2013

    आपकी प्रतिक्रिया के लिये आभारी हुं सुमित जी।

manoranjanthakur के द्वारा
August 16, 2013

ग़ज़ल में छुपी सचाई क्या कहने …बहुत बहुत आभार

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 17, 2013

    सार्थक प्रतिक्रिया के लिए आपका धन्यवाद मनोरंजन ठाकुर जी।

seemakanwal के द्वारा
August 15, 2013

sundar शब्द चित्र आभार

    vaidya surenderpal के द्वारा
    August 16, 2013

    आपका हार्दिक धन्यवाद सीमा जी…।


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